इस जगह पर तरह तरह की प्रतियोगिताएं भी होती है, जिसमें लोग बढचढ कर हिस्सा लेते है. ओणम के दस दिन के त्यौहार में पहले दिन अन्थं होता है, जिस दिन से ओणम की तैयारियां चारों ओर शुरू हो जाती है. ओणम के लिए घर की साफ सफाई चालू हो जाती है, बाजार मुख्य रूप से सज जाते है.
चारों तरफ त्यौहार का मौहोल बन जाता है.
पूक्कालम फूलों का कालीन विशेष रूप से ओणम में तैयार किया जाता है. इसे कई तरह के फूलों से तैयार किया जाता है. अन्थं से थिरुवोनम दिन तक इसे बनाया जाता है.
ओणम के दौरान पूक्कालम बनाने की प्रतियोगिताएं भी आयोजित की जाती है.
मार्किट में किसानों के लिए विशेष सेल लगाई जाती है, इसके साथ ही कपड़ो, गहनों के भी मार्किट लगाये जाते है.
नाव की रेस (Snake boat race) जिसे वल्लाम्काली कहते है, उसकी तैयारी जोरों शोरों से होती है. इस रेस का आयोजन ओणम के बाद होता है. इस नाव की रेस का आयोजन भारत के सिर्फ इस हिस्से में होता है, जो पुरे विश्व में प्रसिध्य है.
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